शत्रु नाश “काल भैरव” प्रयोग

कई लोगो को हमेशा एक भय बना रहता है कि कहीं कोई उनका अहित न करे अथवा वो हमेशा अपने आस पास कोई ऋणात्मक ऊर्जा आभास करते रहते हैं या वो अक्सर किसी न किसी रूप से अपने शत्रुओं द्वारा सताए जाते रहते हैं उन सभी के लिए एक अनुभूत प्रयोग दे रहा हूँ किंतु शर्त इतनी सी है कि “आप गलत मंशा से नही करेंगे ,एक,दूसरा आप समर्पित भाव से करेंगे” तो अवश्य प्रयोग सफल होगा और यदि ज्यादा समझदारी करी तो फिर आप स्वयं देख लेना कौन ज्यादा समझदार है।

ठीक अब प्रयोग, करना ये है कि सर्व प्रथम स्नान इत्यादि, भूत शुद्धि ,आसान शुद्धि ,दिकबन्धन इत्यादि करके रात्रि 12 बजे 1 मार्च अर्थात जब अंग्रेजी तिथि के हिसाब से 1 मार्च से 2 मार्च में प्रवेश होता है तब आसन बिछा सामने एक मिट्टी के बड़े पात्र में पान के पत्ते के ऊपर कपूर की ढेरी लगाएं (इतनी की 15 मिनट जकल सके)21 लौंग साबुत बड़े बड़े फैला के रख दें कपूर के ऊपर ,अब हल्का सा सुर्ख लाल सिंदूर छिड़के, 5 मिनट रुकें कमर सीधी करके प्राणायाम करें और स्वास में आते जाते स्वास में बहुत गहरे जाप करें “भैरव” बस #भैरव ही जपना है लगातार कई बार ।(एक बात ध्यान रखें हृदय में प्रेम ही प्रेम हो बाबा के लिए अनंत प्रेम,इस समय भी दिमाग न चलाएं बस डूब जाएं भैरव प्रेम में) अब दो जायफल रखें उस ढेरी के ऊपर दो इलाइची रखें अब इन सबके ऊपर एक बताशा साबुत रखें थोड़ा सा चुटकी लाल सुर्ख सिंदूर छिड़क उस पर जरा सा दही रखें ।अब एक सरसों के तेल का दिया लगाए रखें धूप #गुग्गल की लगाएं ,साथ #मदिरा की छोटी बोतल रखें ।एक अनार साबुत अपने पास रखें एक चाकू रखें अपने आसन के नीचे व दो सिगरेट भी रखें।
अपना गुरु मंत्र करें,गुरु आज्ञा के पश्चात ही ये साधना शुरू करें ।
#भैरव कवच का 11 बार पाठ करें और उनकी शक्तियों का आभास आपके आस पास होना शुरू हो जाएगा ,भय भी व्याप्त होने लगेगा वातावरण में,उनके करोड़ो असंख्य शक्ति पुंजों की सेना गुजरने लगेगी, आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे, होने दें प्रार्थना करें और बाबा श्री काल #भैरव से हृदय से प्रार्थना करें उनकी कृपा पाने हेतु,खूब गहराई लाएं प्रार्थना में ऐसा हो जाए कि आप न बचे हों सिर्फ प्रार्थना बच जाए अश्रुधार को बहने दें और सामान्य हो जाएं जब आपको ठीक लगे ।
अब जाप शुरू करें मंत्र “ॐ ह्रीम भैरव भं भैरव ह्रीम ॐ”
रुद्राक्ष माला से ।
बार बार सावधान कर रहा हूँ ,भले कितने बड़े आप #साधक हो कितने बड़े भगवान या #गुरुहो चुके हो यदि अपने दिमाग ने चालाकी ,चंट ,धूर्तता करी तो अपने परिणाम के स्वयं जिम्मेदार होंगे।
इन मंत्र की 108 माला जपें बिना उठे ,दिया जलता रहे तेल कम न हो ध्यान रखें।आंख बंद रखें ध्यान सिर्फ #आज्ञा_चक्र पे रखें ।आंख न खोलें।
कमर सीधी ,हिलना डुलना न करें।कोई भी रुकावट से आपका आसन छोड़ने का मन करे न छोड़ें बिल्कुल भी ये संकल्प लें पहले ही कि आसन नही छोड़ना।जप समर्पण करें।जाप सम्पूर्ण होने पर आंख बंद कर इस मंत्र जाप की आंधी के बाद के सन्नाटे के शोर को भीतर महसूस करें बाबा श्री काल भैरव से उनकी कृपा प्राप्ति के लिए प्रार्थना करें और जो भोग सामने रखा है कपूर पर अग्नि देते हुए बाबा श्री काल भैरव जी से भोग ग्रहण करने की प्रार्थना हृदय की गहराई से करें और उस अग्नि को एक टक देखते रहें और थोड़ी सी मदिरा उस पात्र पर एक तरफ धार बना के धीरे धीरे गिरा दें।इसमे कोई संकल्प नही है कारण ये है कि बाबा की कृपा हुई तो शत्रु नाश।
नोट-यह साधना अपने गुरु से पूछ के करें,नही हैं तो कृपया न करें और अनार चाकू सिगरेट इन सबका प्रयोग गुप्त मंत्र के साथ एक क्रिया का होगा ।वो मैं उनको बता दूंगा जो वास्तविक रूप से साधना करना चाहते हैं।मुझे 9919935555 पर कॉल या whatsapp कर के पता कर सकते हैं।

ज्योतिर्विद व ध्यान मार्गदर्शक पं. श्री तारामणि भाई जी
(ज्योतिषीय परामर्शक,ध्यान मार्गदर्शक,पारलौकिक रहस्यविद,मृतात्मा सम्पर्ककर्ता)
[इष्ट सिध्दि साधना,त्राटक साधना,यक्षिणी साधनाओ में सफलता हेतु संपर्क करे]
चामुंडा ज्योतिष केंद्र
9919935555
www.chamundajyotish.com

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